महकते जज़्बात…(2)

DSCF0482

 दिल  से  उठती  ख़ुश्बू  के  कुछ और  कतरे  आपकी  नज़र  करता  हूँ…

भाग २

लाख़ की कोशिश हमनें ,

के ये जज़्बात इन लफ़्ज़ों में समा जायें ;

पर इन तन्हाइयों में वो नूर कहाँ,

के रूठे इन अल्फ़ाज़ को मना पायें ||

♥ ♥ ♥

महफ़िलों में जाना छोड़ दिया हमनें, 

के बेरंग हो चला ये जहाँ  ;

के तेरे इंतज़ार में जो मज़ा है, 

वो उनके मिलने में कहाँ ||

♥ ♥ ♥

फिर मिलेंगे…

One thought on “महकते जज़्बात…(2)

  1. Pingback: Couplets: #AtoZChallenge – doc2poet

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s