वर्ष २०१५


 कुछ खट्टा कुछ मीठा

के ख़ूब रहा ये साल,

कुछ क़िस्से हैं, कुछ कहानी हैं ; 

कुछ बीत गया, कुछ बाकी है ,

कुछ बातें हैं जो बतानी हैं ;

पा लिया कुछ, तो कुछ ख़्वाब ही हैं,

के इसी का नाम तो  ज़िंदगानी है;

कभी ख़ुशी मिली, कभी आँसू,

के तक़दीर बड़ी सयानी है;

कभी जीत मिली, कभी सीख ,

कुछ मंज़िलें हैं, जो अभी पानी हैं;

कोई छूट गया, कोई साथ रहा,

के तस्वीरें कुछ धुँधली, तो कुछ जानी-पहचानी हैं;

कुछ याद रहा, कुछ भूल गया,

के  बातें कुछ कहनी हैं, कुछ छुपानी हैं;

जो बीत गया, वो फसाना था,

के तस्वीर तो अभी  बनानी है;

क्या ख़ूब रहा ये साल ,

और क्या ख़ूब ये कहानी है,

क्या ख़ूब ये कहानी है…

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda.


5 thoughts on “वर्ष २०१५

  1. Pingback: Alankaar: #AtoZChallenge – doc2poet

  2. Reblogged this on doc2poet and commented:

    I wrote this one last year this time around for a prompt by blogadda recapitulating all the ups and downs of the year. I felt the same when I read it today. There are a lot of new and wonderful things happening around but this one can sum it up all. Hope you like it🙂


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