Teacher’s Day

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Respected Teachers,

Heartiest congratulations on this Teacher’s day. Hope you had a great day. Wish you a lot more years of accomplishment and joy. Thank you for being there for your students. Here’s a poem dedicated to all the teachers:

है शिक्षक खङा,

है शिक्षक लङा,

वक़्त के दुर्गम काँटों से ,

अज्ञानता के सन्नाटों से ,

दिशाहीन भविष्य की राहों में ,

सपने न हों जब निगाहों में ,

है शिक्षक खङा,

है शिक्षक लङा;

 

ज्ञान के बहते सागर में ,

प्रेम से छलकती गागर में ,

उन भूली बिसरी यादों में ,

कुछ खट्टी मीठी बातों में ,

काठ की पतली सन्टी में ,

क्लास ख़त्म की घण्टी में  ,

है शिक्षक खङा,

है शिक्षक लङा;

 

नम्बर पाने की होङ में ,

कुछ कर जाने की दौङ में ,

भगवत गीता के सार में ,

कान पकड़ फटकार में ,

गिरते-पङते हालात में ,

जीत में उमङे जज़्बात में ,

है शिक्षक खङा,

है शिक्षक लङा;

 

है कार्य बङा, पर तू मत डर ,

चल चलता चल, कुछ कर गुज़र ,

है साथ तेरे सब शिक्षकगण ,

लिये ज्ञान, प्रेम और  सुन्दर मन ,

समय हो गर विपदा में पङा,

तो हाथ बढ़ा, है शिक्षक खङा ,

हाथ बढ़ा, है शिक्षक खङा …||

                         -doc2poet

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बर्बरता : #HindiPoetry

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This may be happening elsewhere in the world also, but I have seen it with my own eyes around here. Have you?

कोख में घुटती सांसें ,

जन्मी बच्ची की लाशें ,

होता ममता का तिरस्कार ,

अपनों से सौतेला व्यव्हार ,

होता होगा, पर और नहीं ,

के अब वो पुराना दौर नहीं,

खुशियों को तरसती दुल्हन,

रिश्तों में बढ़ती उलझन ,

दहेज़ की बेशर्म आग,

बेबस जलता सुहाग,

रिश्तों की चोटिल कहानियां ,

लहूलुहान सुहाग की निशानियां,

होता होगा, पर और नहीं ,

के अब वो पुराना दौर नहीं,

घूरती बेहया नज़रें,

चरित्र को चीरती खबरें,

हर उम्र पे होती बर्बरता ,

मासूमियत खोती निर्मलता,

होता होगा, पर और नहीं ,

के अब वो पुराना दौर नहीं,

मैं सक्षम हूँ, मैं सबला हूँ ,

तलवार हूँ मैं, कोई डोर नहीं ,

अब और नहीं, बस और नहीं,

के अब वो पुराना दौर नहीं…||

***

                                                          -©doc2poet

 

हर नारी की व्यथा: #HindiPoetry

 

WeavingThreads_247Story of every women who rises from the ashes of her own sufferings as a beacon of light and positivity.


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मैं नारी हूँ, मैं अबला हूँ,

संघर्ष ही मेरा नसीब है;

मैं ही हूँ, बस मेरा सहारा,

दहेज, समाज; बस रक़ीब हैं;

कुचलने में  मेरे अरमान,

इन बेदर्दो को कोई  हर्ज नहीं;

हाथों की लकीरें, भी हैं  नाकाम,

मेरे हिस्से बस हिज्र सही;

जाने क्यूँ? किसने?  ये फर्क किया?

उनको सब खुशियाँ, हमें नर्क दिया !

शायद उसको  भी, है ये पता,

के मुझमें ही, गौरी-काली है ,

कब तक कर पाएंगे, मेरा दमन ?

ये रुत ही बदलने वाली है,

रुत ही बदलने वाली है…||

***

                                                             -©doc2poet

माँ : #Mother’sDay


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Mothers never leave your side. If you can feel the warmth of their love, you are on the right path. Happy mothers day.

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PS: This one is the closest to my heart. If you have ever liked any of my poem, you will love this one. And if you are here for the first time, the archive is on the right…

M                   अपने आँसुओं को जग की आँखों से छुपाकर पी जाना मैने बहुत पहले ही सीख लिया था | लेकिन कुछ बातें कभी नहीं छुपाई जा सकती | मेरे जीवन का सबसे दुखद लम्हा वह था जब उनका साया मेरे सर से रूठ गया | आज भी रह-रह कर वही पल अक्सर मेरी कविताओं में लौट आता है…

के  जितना था मुझसे दुलार,

करती थी जितना मुझसे प्यार;

मुझे एक बार और बाहों में भरने को,

वो  दरिया-ए-आग  मे  भी  उतरती;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  चन्द  साँसें  और  ज़रूर  भरती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती |

वो …

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What Women face… : #HindiPoetry

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इतने क़ानून होते हुए भी अगर एक भी बच्ची की जान जाती है तो ये बड़े शर्म की बात है | #FemaleFoeticide

काँटों   के   शहर   में,

फूल   सी   मैं,

कोमल,  चंचल,  सौन्दर्या;

पर   उनकी   नज़र   में,

भूल   थी   मैं…||

***

                                           -doc2poet

मोहब्बत या जंग में जो भी जायज़ होता हो, पर किसी की ज़िंदगी इस तरह बर्बाद करना कभी जायज़ नहीं हो सकता | #AcidAttacks

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मेरे   निश्चय-अंगारों   को ,

तेज़ाब   कहाँ   बुझा   पाया ?

मैं   सुन्दर   थी, मैं  सुन्दर   हूँ;

ये   उनकी   ही   है   कायरता ,

जो   आईना   नहीं   छुपा   पाया ,

आईना   नहीं   छुपा   पाया…||

***

                                  -doc2poet

This post is dedicated to all the courageous women and girl children who face atrocities  like foeticide, acid attacks, criminal abortion etc. on a daily basis. Hope they get the strength to fight against all this. Hope this ends soon…

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