माँ : #Mother’sDay


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Mothers never leave your side. If you can feel the warmth of their love, you are on the right path. Happy mothers day.

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PS: This one is the closest to my heart. If you have ever liked any of my poem, you will love this one. And if you are here for the first time, the archive is on the right…

M                   अपने आँसुओं को जग की आँखों से छुपाकर पी जाना मैने बहुत पहले ही सीख लिया था | लेकिन कुछ बातें कभी नहीं छुपाई जा सकती | मेरे जीवन का सबसे दुखद लम्हा वह था जब उनका साया मेरे सर से रूठ गया | आज भी रह-रह कर वही पल अक्सर मेरी कविताओं में लौट आता है…

के  जितना था मुझसे दुलार,

करती थी जितना मुझसे प्यार;

मुझे एक बार और बाहों में भरने को,

वो  दरिया-ए-आग  मे  भी  उतरती;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  चन्द  साँसें  और  ज़रूर  भरती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती |

वो …

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माँ : BlogchatterA2Z

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PS: This one is the closest to my heart. If you have ever liked any of my poem, you will love this one. And if you are here for the first time, the archive is on the right…

M                   अपने आँसुओं को जग की आँखों से छुपाकर पी जाना मैने बहुत पहले ही सीख लिया था | लेकिन कुछ बातें कभी नहीं छुपाई जा सकती | मेरे जीवन का सबसे दुखद लम्हा वह था जब उनका साया मेरे सर से रूठ गया | आज भी रह-रह कर वही पल अक्सर मेरी कविताओं में लौट आता है…

के  जितना था मुझसे दुलार,

करती थी जितना मुझसे प्यार;

मुझे एक बार और बाहों में भरने को,

वो  दरिया-ए-आग  मे  भी  उतरती;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  चन्द  साँसें  और  ज़रूर  भरती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती |

वो  रूठना, वो  मनाना ,

वो  डांट कर फिर प्यार जताना;

ऐसे  पल-दो-और-पलों  के  लिए,

वो  कुछ  भी  कर  गुज़रती;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  स्वयं  काल  के  प्राण  भी  हरती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती|

पर  भाग्य  की  थी  कुछ  और  ही  रज़ा,

मेरे  रंगों  मे  जैसे  कालिख  ही  भर  दी;

के  ग़म  तो  उसने  थोक  ही  दिए,

पर  ममता  केवल  फुटकर   दी;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  समय  की  रेत  से  द्वंद  भी  वो  करती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती||

♥ ♥ ♥                                     doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

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हँसते ज़ख़्म: #League of Lost Things

Indian Bloggers

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I have seen loss up close and it is something you wouldn’t wish even for your enemies. The tears I held back (at least attempted to) have found their way out through these couplets. I hope you can feel the connection:-


कभी  डूबते  का  सहारा  हुआ  करते  थे,

पर  अपनी  ही  कश्ती  में  शायद  छेद  था ;

सोचते  थे…मुट्ठी  में  सारा  जहाँ  लिए  बैठे  हैं,

जाने  कब  फिसल  गया  हाथों  से…वो  केवल  रेत  था ||

♥ ♥ ♥

इन  साँसों  की  बेशर्मी  पे  हैरां  हूँ ,

के  चलती  ही  रही… खुद  ज़िंदगी  को  खोकर ;

चुकाई  हर  हँसी  की  कीमत, घंटों  अंधेरों  में  रोकर ,

के  जाने  ये  वक़्त… हर  बार  कैसे  मात  दे  जाता  है ;

खुद  भी  जलकर  देख  लिया, पर  अंधेरा  लौट  ही  आता  है ||

♥ ♥ ♥

उन्हें  भूल  पाना  अब  मुमकिन  नहीं ,

के  ये  कोमल  एहसास  ही…साँसों  का  सहारा  बन  गया ;

साहिलों  से  नाता  टूटे  ज़माना  हो  चला,

के  उफनते  इस  सागर  में…ये  तिनका  ही  किनारा  बन गया ||

♥ ♥ ♥

छलक  जाए  ना  इस  दिल  से  कोई  ग़म , के  अक्सर  यूँही  हंस  लिया  करता  हूँ ;

 टूट  जाता  था  जिनपर  आँसुओं  का  बाँध ,उन  जज़्बात  को  कस  लिया  करता  हूँ ;

 के  ख़ौफ़  नहीं  अब  और  किसी  का , बस  फिर  से  मरने  से  डरता  हूँ ||

♥ ♥ ♥

आँसुओं  को  यूँ  बदनाम  न  कर,

के  मायूस  दिल  को  इन्हीं  से  क़रार  आता  है ;

पलकों  के  बाँध  तले  छुपाता  है  हर  ग़म,

और  छलक  भर  जायें…तो  दिल  हल्का  हो  जाता  है ||

♥ ♥ ♥

मुद्दतें  बीती  ख़ुशियों  की  चाह  में ,

के  हमने  ग़म  में  भी  मुस्कुराना  सीख  लिया  ;

मिला  ना  कांधा  भी  जब  इन  आँसुओं  को ,

हमने  ख़ुद  को  ही  मनाना  सीख  लिया ||

♥ ♥ ♥

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda. This week’s WOW prompt is – ‘League of Lost Things’.

Don’t forget to quote your favorite one. Your feedback is what keeps me going. Thank you:-)

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माँ: #RaceAgainstTime

silhouette of mother and child
http://www.browniephotography.com

If I had a time machine, I would change that one moment when it all happened…


कुछ  धुँधली  हैं  कुछ  मीठी  सी, कुछ  खुशियाँ  तो  कुछ  आँसू  ही  सही,

के  यादों  के  असीम  सागर  मे  मैं  तन्हा  तो  हूँ  पर  अकेला  नहीं,

कुछ  छूट  गया  पीछे  शायद, कदम  रुके  तो  पर  राहें  चलती  रही,

के  वक़्त  से  कब  साँसें  जीत  पाई  हैं, मन  विचलित  हो  या  धीमहि,

होता  गर  वक़्त  मेरे  भी  इशारों  पर, छीन  लाता  वो  पल  जो  हासिल  नहीं,

पर  खिलती  है   इन  अंधेरों  में  ही  रोशनी, है  कहा  किसी  ने  सही,

के  वक़्त  की  इन  दरारों  में, मेरा  भी  हाफ़िज़  है  कहीं,

यूँही  भटकते  गुमनाम  अंधेरों  में, शायद  मिल  जाऊँ  उनसे  कहीं,

वो  उनकी  गोद  में  रखना  सर, वो  हर  बात  जो  उन्होंने  कही,

वो  बालाएँ, वो  डाँट, वो  शगुन  की  मीठी  दही,

कुछ  याद  ऩहीँ  कुछ  भूल  गया, के  सुनाता  हूँ  दास्तान  ये  अनकही,

हर  मुश्किल  का  हल  है  इन  यादों  में, के  प्यारी  मेरी  माँ  बसती  है  यहीं,

के  उनकी  यादों  की  छाँव  तले, अकेला  होकर  भी  मैं  तनहा  नहीं,

के  वक़्त  बेशक  जीत  जाए  पर  हार  मैने  भी  मानी  नहीं,

अकेला  होकर  भी  मैं  तनहा  नहीं…

***

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda. This week’s WOW prompt is – ‘If I Had A Time Machine’.

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यादें: #LifeWithoutYou

Indian Bloggers

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We should not be sad because they are not here and we can’t see them…but we should smile because they lived. They are watching us and we can make them happy by being someone they would want us to be…


नम  आँखों  से  छलकते  जज़्बात…

उन्हें  भूल  पाना  अब  मुमकिन  नहीं ,

के  ये  कोमल  एहसास  ही, साँसों  का  सहारा  बन  गया ;

उनकी  छाया  तले  ही  सीखा  जीना  हमने,

और  उनका  अक्स  ही, किस्मत  का  सितारा  बन  गया ;

साहिलों  से  नाता  टूटे  ज़माना  हो  चला,

के  उफनते  इस  सागर  में, ये  तिनका  ही  किनारा  बन  गया ;

पर  दूर  होकर  भी  वो  इस  दिल  से  दूर  नहीं,

के  बुझी  कहीं  एक  लौ, तो  कहीं  शरारा  बन  गया ;

रौशन  है  ये  रूह  बस  उन्हीं  के  नूर  से,

के  बिखरा  एक  सपनों  का  महल, और  यादों  से  दोबारा  बन  गया ;

साँसों  का  सहारा  बन  गया… ||

This post is written for Indispire Edition 105 You just lost someone and in this case either you can grieve on losing that person or can smile thinking about the wonderful time you spent with that person or do both. A complex situation isn’t it? What will be your feelings…share with us!! #LifeWithoutYou.