हर नारी की व्यथा: #HindiPoetry

 

WeavingThreads_247Story of every women who rises from the ashes of her own sufferings as a beacon of light and positivity.

मैं नारी हूँ, मैं अबला हूँ,

संघर्ष ही मेरा नसीब है;

मैं ही हूँ, बस मेरा सहारा,

दहेज, समाज; बस रक़ीब हैं;

कुचलने में  मेरे अरमान,

इन बेदर्दो को कोई  हर्ज नहीं;

हाथों की लकीरें, भी हैं  नाकाम,

मेरे हिस्से बस हिज्र सही;

जाने क्यूँ? किसने?  ये फर्क किया?

उनको सब खुशियाँ, हमें नर्क दिया !

शायद उसको  भी, है ये पता,

के मुझमें ही, गौरी-काली है ,

कब तक कर पाएंगे, मेरा दमन ?

ये रुत ही बदलने वाली है,

रुत ही बदलने वाली है…||

***

                                                             -©doc2poet

 

 

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माँ : #Mother’sDay

Mothers never leave your side. If you can feel the warmth of their love, you are on the right path. Happy mothers day.

doc2poet

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PS: This one is the closest to my heart. If you have ever liked any of my poem, you will love this one. And if you are here for the first time, the archive is on the right…

M                   अपने आँसुओं को जग की आँखों से छुपाकर पी जाना मैने बहुत पहले ही सीख लिया था | लेकिन कुछ बातें कभी नहीं छुपाई जा सकती | मेरे जीवन का सबसे दुखद लम्हा वह था जब उनका साया मेरे सर से रूठ गया | आज भी रह-रह कर वही पल अक्सर मेरी कविताओं में लौट आता है…

के  जितना था मुझसे दुलार,

करती थी जितना मुझसे प्यार;

मुझे एक बार और बाहों में भरने को,

वो  दरिया-ए-आग  मे  भी  उतरती;

होता  गर  बस  मे  उसके,

तो  चन्द  साँसें  और  ज़रूर  भरती;

अपने  लिए  न  सही,

मेरे  लिए  तो  ज़रूर  करती |

वो …

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What Women face… : #HindiPoetry

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इतने क़ानून होते हुए भी अगर एक भी बच्ची की जान जाती है तो ये बड़े शर्म की बात है | #FemaleFoeticide

काँटों   के   शहर   में,

फूल   सी   मैं,

कोमल,  चंचल,  सौन्दर्या;

पर   उनकी   नज़र   में,

भूल   थी   मैं…||

***

                                           -doc2poet

मोहब्बत या जंग में जो भी जायज़ होता हो, पर किसी की ज़िंदगी इस तरह बर्बाद करना कभी जायज़ नहीं हो सकता | #AcidAttacks

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मेरे   निश्चय-अंगारों   को ,

तेज़ाब   कहाँ   बुझा   पाया ?

मैं   सुन्दर   थी, मैं  सुन्दर   हूँ;

ये   उनकी   ही   है   कायरता ,

जो   आईना   नहीं   छुपा   पाया ,

आईना   नहीं   छुपा   पाया…||

***

                                  -doc2poet

This post is dedicated to all the courageous women and girl children who face atrocities  like foeticide, acid attacks, criminal abortion etc. on a daily basis. Hope they get the strength to fight against all this. Hope this ends soon…

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BlogchatterA2Z Reflections

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A month long journey that gave me so much…

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See all my A2Z posts here

Made a small video to thank all my followers and readers. Take a peek here 🙂 

All my A2Z posts were Top posts on indiblogger too…

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फिर मिलने की आस लिए BlogchatterA2Z Challenge April 2018 के लिए ये अंतिम भेंट :

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अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

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ज़िंदगी : #BlogchatterA2Z

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Zज़िंदगी  की  पतंग  को  थोड़ा  और  ढील  दे  ग़ालिब,

साँसों  के  धागे  अक्सर  टूट  जाया   करते  हैं…||

***                          doc2poet

ज़िंदगी के आगे किसकी कब चली है…

ख्वाबों  के  बाज़ार  में,
एक  उम्र  ख़र्च  कर  आए  हम,

पर  ख़ता  भी  क्या  इन  लम्हों  की,
जब  ख़्वाब  ही  थे  सजाए  कम,

के  ख़्वाब  तो  तू  जी  भर  के  देख,
किस्मत  को  तो  देख  लेंगे  हम,

अपनी  डगर  यूँही   चलता  चल,
और  हार-जीत  का  मत  कर  ग़म,

ज़िंदगी  से  वफ़ा  की  उम्मीद  न  कर,
और  करनी  भी  है  तो  थोड़ा  कम,

ये  अपने  ही  खेल  दिखाएगी ,
तू  भी  खेल  और  देख  करम,

देख  करम…||

***                          doc2poet

फिर मिलने की आस लिए Blogchatter A2Z Challenge April 2018 के लिए ये अंतिम भेंट :

भोर  है  ये, नहीं  काली  शाम  है,

अंकुश  नहीं, अल्प-विराम  है,

के  रोशन  होगी  सुबह, फिर  रात  के  उस  पार,

जाने  कौनसी  कोपल  फूटें, शब्दों  में  अबकी  बार,

के  ये  हर्फ  तो  बस, प्रेमजल  के  प्यासे  हैं,

ये  स्याही  रंग  बिखेरेगी, जबतक  बाकी  साँसें  हैं,

फिर  लौटेगी  काव्यांजलि, फिर  होगी  बरसात,

फिर  सजेगा  इंद्रधनुष, और  होगा  हमारा  साथ,

होगा  हमारा  साथ ||

***                          doc2poet

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